Wednesday, April 27, 2011

इंदौर में रचा था जोशी की हत्या का षड्यंत्र



मालेगांव धमाकों में गिरफ्तार साध्वी प्रज्ञा सिंह को सोमवार को सुनील जोशी की हत्या के मामले में कोर्ट में लाया गया। उसकी साजिश इंदौर में ही रची गई थी। 
ये सारी बातें देवास पुलिस द्वारा पेश की गई चार्जशीट में है। उसमें यह बताया गया है कि साध्वी ने इसके लिए 14 दिसंबर 2007 को एक फ्लैट पर मीटिंग की और अपने सहयोगियों को काम बांटा। हत्या साध्वी से र्दुव्‍यवहार और जोशी के बढ़ते वर्चस्व को लेकर की गई थी। 
जिसमें गुजरात बेस्ट बेकरी कांड और अजमेर धमाकों का आरोपी भी शामिल है। पुलिस इस मामले में साध्वी सहित पांच लोगों की गिरफ्तारी ले चुकी है जबकि दो को पकड़ने के लिए इनाम घोषित किया गया है। 
पूर्व संघ प्रचारक सुनील जोशी और साध्वी प्रज्ञासिंह कभी कभी एक साथ धमाकों की योजना में शामिल रहे हैं लेकिन दोनों में अचानक उस वक्त दरार पैदा हो गई जब सुनील जोशी ने प्रज्ञा के साथ अमर्यादित व्यवहार किया। क्षुब्ध साध्वी ने उसी दिन ठान लिया था कि जोशी को ठिकाने लगाया जाएगा। 
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दिसंबर 2007 को साध्वी दिवंगत भाजपा नेता के यज्ञ की तैयारियों के लिए इंदौर आई थी। उसी दौरान उसने फ्लैट पर मीटिंग आयोजित की। जिसमें वासुदेव परमार, आनंदराज कटारिया, मेहुल उर्फ घनश्याम उर्फ मफत व राज उर्फ हर्षद सोलंकी शामिल हुए। 
यहां सबको अलग-अलग काम बांटा गया जिसमें राज को गोली मारने वासुदेव परमार, मेहुल और मोहन को रैकी करने का काम दिया गया। आनंद को हत्या के बाद उसकी कार से शूटर्स को इंदौर साध्वी के फ्लैट तक लाने का जिम्मा सौंपा गया था। 
जोशी के घर रखे कुछ महत्वपूर्ण सामान को वहां से लाने का काम भी मेहुल, राज और आनंद को दिया गया था। जोशी की हत्या में प्रयुक्त पिस्टल साध्वी का परिचित गोविंद, अलखपांडे नामक युवक से लेकर आया था। 
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दिसंबर 07 को जैसे ही जोशी देवास चूना खदान से बाइक पर निकला, हर्षद ने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। आनंदराज कटारिया आरोपियों को सेंट्रो कार में बैठाकर सुनील जोशी के कमरे पर गया और खुद सामान लेकर आ गया। 
आरोपी ने इंदौर साध्वी से बात की और निर्देश मिलते ही फ्लैट पर आ गया। साध्वी ने यहां आनंदराज को 6 जनवरी-08 तक अपने पास रखा जबकि शेष आरोपियों को आनंदराज कटारिया के फ्लैट पर रुकवाया। 

इंदौर पुलिस ने बनाई दूरी
जब साध्वी का एमवाय अस्पताल में इलाज चल रहा था तो महाराष्ट्र पुलिस के अधिकारी इंस्पेक्टर विजय चंदशिवे चार महिला कांस्टेबल और फोर्स के साथ चौकसी बरते हुए थे, जबकि इंदौर पुलिस पास जाने से भी कतरा रही थी। 
इससे पहले यहां साध्वी के साथ उनके सूरत में रहने वाले बहनोई भगवान झा और शिष्या कल्पना सिंह भी मौजूद थी। इस दौरान खुद एएसपी महेशचंद्र जैन संयोगितागंज टीआई अनिल राठौर, एमवाय चौकी प्रभारी युवराज सिंह व महाराष्ट्र पुलिस सहित देवास पुलिस का बल भी तैनात किया गया था।

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