Sunday, June 19, 2011

पुत्र होने की दवा अभी भी बेच रहें हैं रामदेव?




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हरिद्वार में पतंजलि योगपीठ। (फाइल फोटो)
बाबा रामदेव और उनके पतंजलि योगपीठ -दिव्य योग पीठ को लेकर उठने वाले विवाद थमने का नाम नहींले रहे हैं। जानकारी के मुताबिक , बाबा रामदेव के पतंजिलयोगपीठ में पुत्र होने की दवा अब भी बेची जा रही हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भी पतंजलि योगपीठ में ' पुत्रवती 'नामक दवा बेचने को लेकर काफी विवाद हो चुका है और2007 में इस मामले की जांच भी की गई थी। इसके बाद इसदवा को बेचना बंद कर दिया गया था। लेकिन पतंजलियोगपीठ की वेबसाइट पर दी गई दवाओं की लिस्ट देखें तोसाफ पता चलता है कि बाबा रामदेव के योगपीठ में अभी भीपुत्र होने की दवा बेची जा रही है। दिव्य फार्मेसी की इस दवाका अब पुत्रवती के नाम से नहीं , बल्कि पुत्रजीवक बीज के नाम से बेचा जा रहा है।

हालांकि इस दवा पर कहीं भी ऐसा कुछ नहीं लिखा है जिससे यह कहा जा सके कि यह पुत्र प्राप्ति के लिए दी जाने वालीदवा है। साइट पर दी गई इस दवा की विस्तृत जानकारी देखें तो वहां केवल इतना लिखा है - प्रसव संबंधी समस्याओं औरइन्फर्टिलिटी के लिए।

यह दवा बेटा होने के लिए ही बेची जा रही है इस बात का पता पतंजलि योगपीठ की साइट पर पूछे जाने वाले ऑनलाइनसवालों से भी होता है। करीब 6 महीने पहले ही साइट पर पूछे गए सवाल में एक पाठक ने पूछा है - ' सर , प्लीज मुझेबताएं की बेटा होने के लिए शिवलिंगी बीज और पुत्रजीवक दवाओं के पाउडर का कितना - कितना अनुपात रखनाचाहिए। इसे कैसे इस्तेमाल करना है और इसे कब से लेना शुरू करना चाहिए। मेरी पहले से एक बेटी है और मैं अब मुझेबेटा ही चाहिए। (देखें सवाल और उसका जवाब) 

इस सवाल का जवाब साइट पर दिया गया है- दिव्य शिवलिंगी बीज- 100 ग्राम , दिव्य पुत्रजीवक गिरी- 100 ग्राम , एक ग्राम दिन में दो बार। दोनों दवाओं का महीन पाउडर बना लें और सुबह नाश्ते से एक घंटा पहले और रात को खाने से एक घंटा पहले गाय के दूध के साथ लें।

एक दूसरे सवाल में पाठक ने पूछा- सर , यह दवा किसे लेनी चाहिए , पुरुष को या महिला को।
इस दवा की शुरुआत प्रेगनेंसी से पहले करें या बाद में
क्या यह दवा आपकी फार्मेसी में उपलब्ध है ?

देखें : साइट पर पूछे गए सवाल और उसके जवाब 

इस सवाल के जवाब में साइट पर कहा गया है कि- आप अपने सवालों के जवाब के लिए योगपीठ के वैद्य से फोन पर परामर्श ले सकते हैं। (ऐसे ही कुछ और पाठकों ने साइट पर पुत्र होने की दवा के बारे में सवाल पूछे हैं- देखें) 

अब इन सब से तो यही पता चलता है कि बाबा रामदेव आज भी पुत्र होने की दवा बेच रहे हैं। गौरतलब है कि 2007 मेंजब पुत्रवती नामक दवा को लेकर विवाद उठा था उस समय उत्तराखंड सरकार के आदेश पर संतान उत्पत्ति से संबंधितउनकी दवा ' पुत्रवती रत्न ' की जांच की गई थी।

लेकिन यह पहला मामला नहीं है जब पतंजलि योगपीठ की दवाओं और वहां किए जाने वाले उपचार पर विवाद उठा हो।अक्सर योगपीठ में किए जाने वाले इलाज की प्रामणिकता को लेकर सवाल उठाते रहते हैं। बाबा रामदेव पर पहले भी आरोप लग चुके हैं कि वह अपनी विशुद्ध दवाओं में अघोषित सामग्री , मानव और जीव - जंतुओं के अंगों का इस्तेमालकरते हैं। वह गैर - कानूनी उत्पादन तरीके अपनाते हैं। एड्स का इलाज करने के दावे के कारण केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालयकी ओर से उन्हें दवा निर्माण का काम रोकने का भी आदेश भी दिया गया था। ड्रग्स एवं मैजिक रेमेडीज कानून के तहतलोगों को गुमराह करने के आरोप में उन्हें नोटिस भी जारी किया गया था।

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