Tuesday, May 31, 2011

धूम्रपान एक कार्य महान




सिगरेट है संजीवनी पीकर स्वास्थ्य बनाओ

समय से पहले बूढ़े होकर रियायतों का लाभ उठाओ

सिगरेट पीकर ही हैरी और माइकल निकलते हैं

दूध और फल खाकर तो हरगोपाल बनते हैं

जो नहीं पीते उन्हें इस सुख से अवगत कराओ

बस में रेल में घर में जेल में सिगरेट सुलगाओ

अगर पैसे कम हैं फिर भी काम चला लो

जरूरी नहीं है सिगरेट कभी कभी बीड़ी सुलगा लो

बीड़ी सफलता की सीढ़ी इस पर चढ़ते चले जाओ

मेहनत की कमाई सही काम में लगाओ

जो हड्डियां गलाते हैं वो तपस्वी कहलाते हैं

ऐ कलयुग के दधीचि हड्डियों के साथ करो फेफड़े
और गुर्दे भी कुर्बान

क्योंकि
धूम्रपान
एक कार्य महान ||

Monday, May 30, 2011

रामदेव बाबा को सत्ता सुंदरी का प्रेम पत्र



मेरे प्यारे चिरकुंवारे

जब से हमने सुना है आप को हमसे सियासी इश्क हो गया है हमारा दिल भी आप के लिये बेकरार है । जब आप करते हैं कपाल भांती कसम से हमे नीद नही आती । फ़िर सुना कि लखनउ मे आप को अर्धरात्री को अपनी  मेडिकल जांच करानी पड़ गयी तब से मन बड़ा बेचैन है । आप हमे पाने के लिये इतनी मेहनत कर रहें है और इधर हम हमारे मिलन के रास्ते मे आने वाली बाधाओ को लेकर बड़े चिंतित हैं । रूक्मणी की तरह आप हमे जब हरण करने  अपने हेलिकाप्टर रथ मे आयें इसके पहले आप को हमारे इतिहास और वर्तमान के बारे मे जान लेना चाहिये 

हमारे महाराज लोकतंत्र ने राजनीति और नौकरी नाम की दो राजकुमारियो से शादी की थी ।राजनीति से कांग्रेस बीजेपी और तीसरा मोर्चा नामक तीन पुत्र हुये और नौकरी से अफ़सर और बाबू नाम के दो पुत्र हुये । सब कुछ ठीक ही चल रहा था कि एक दिन आखेट मे महाराज से गलती से इमानदारी नामक गाय का वध कर दिया । श्रापित होकर महाराज का निधन हो गया और उनके साथ नौकरी भी सती हो गयी । राजनीति के बड़े पुत्र कांग्रेस ने स्वयंवर मे मुझे जीत लिया जीतकर जब वह मां के पास पहुंचा तो मां ने आदेश दिया कि पांचो भाई आपस मे बांट लो । तब से आज तक ये पांचो भाई मिल बाट कर मेरा सुख उठा रहे हैं । पर आप चिंतित न होना मुझे उर्वशी की तरह चिर यौवना होने का आशीर्वाद प्राप्त है ।

जब आप मेरा हरण करने आयेंगे तब ये पांचो भाई अपने ठेकेदार दलाल आदि महारथी मित्रो के साथ आपसे भीषण युद्ध करेंगे इस युद्ध मे कोई नियम न होंगे । और हां यह बात भी याद रखें इनमे से किसी भी भाई से समझौता आपके पक्ष मे लड़ रहे योद्धाओ को तितर बितर कर देगा । आप जीत भी गये तो एक अड़चन होगी हमने अफ़सर और बाबू  की मां से वादा किया था कि हम इन्हे सदैव अपने आगोश मे रखेंगे और इनको नौकर कभी न कहेंगे सदैव अधिकारी कह ही बुलायेंगे आप को  इन पर स्नेह पूर्वक व्यहवार रखना ही होगा वरना आप हम से फ़िर दूर हो जायेंगे ।

पर इन पाखंडवो से मुझे उतना भय नही जितना अपने सौतेले भाई मीडियासुर से है । वह  एक ऐसा योद्धा है जो कभी प्रत्यक्ष युद्ध मे भाग तो नही लेता पर अपने झूठ अफ़वाह जैसे महाअस्त्रो और बयान को तोड़ मरोड़ देने वाले ब्रह्मास्त्र से किसी भी योद्धा को मैदान मे उतरने से पहले ही परास्त कर सकता है । इसकी कपटी चालो का किसी के पास कोई तोड़ नही और इसे शिव जी से वरदान प्राप्त है कि जब तक  इंटरनेट नामक महाशक्ती  राज्य के गरीब से गरीब व्यक्ति को न मिल जाये तब तक इसे कोई नही हरा पायेगा और जिस दिन ऐसा होगा उस दिन यह स्वतः ही भस्म हो जायेगा । हमारे प्यारे बाबा हम इससे बचने का आपको एक उपाय बता देते हैं । सोनिया मम्मी की तरह आप कभी कोई बयान देना ही नही वरन घटिया बयानो के लिये दिग्गी मामू और अच्छे बयानो के लिये प्रनव दादा सरीखे अपने कार्यकर्ता खड़े कर देना सारे अच्छे बयानो का श्रेय आपको जायेगा और आपके समस्त घटिया बयानो का जहर दिग्गी मामू टाईप का कार्यकर्ता पचा जायेगा आप पर आंच भी न आयेगी 

हमारे प्यारे बाबा हम कब से बेकरार हैं कि आप आयें और देश की गरीब जनता को तीन रूपये किलो मे पतंजली का च्वय्नप्राश खिलाये । वैसे एक बात कहें हम आपको हमारे  नजदीक आने देने के खयाल से  हमारी मां  के दिल मे बेचैनी सी होने लगती है । हमारी भारत माता कहती हैं कि इस  स्वामी ने आज तक देश सेवा मे किया क्या है महंगी टिकट बेच योग नही योगा सिखाना महंगे दामो मे दवाई बेचना । हमसे वे पूछती है कि इस बाबा ने आज तक जन सेवा का काम कौन सा किया है  जन सेवा के नामो से सरकारो से बस जमीने ली हैं वे यह भी कहती है इसने जीवन मे जितने मरीज ठीक किये हैं उससे ज्यादा तो किसी भी जिले के सरकारी हस्पताल का डाक्टर भी कर चुका होगा   खाली भूल चुके भारतीयो को उनके इतिहास और विद्या से परिचित कराया है इसने । पर हम साफ़ साफ़ उनसे कहते हैं हे मां इन पाखंडवो से तो अटल जी जैसा यह ब्रह्मचारी ही क्या बुरा है इसके भट्टाचार्य जैसा कोई दत्तक दामाद भी नही है खाली भाई वगेरह हैं पर वे भी कितना खा लेंगे पहले ही हजारो करोड़ बिखरा पड़ा है 

प्यारे बाबा जवाहर लाल से मनमोहन तक आज तक हमें कोई युवा न मिला है । राहुल बाबा तो फ़्रेम मे नजर ही नही आते हैं वे तो करण जौहर जैसे बैचलर ही रहेंगे ऐसा लगता है । पर आप मुझ तक पहुंचने से पहले यह याद रखें बाबा मेरे स्वयं वर का धनुष तोड़ते ही योद्धा राजीव गांधी की तरह शापित हो जाता है । और तो और मेरे आलिंगन मे बिंध सत्ता सुरा का मद आम आदमी की कौन कहे बाबाओ तक को उड़ा ले जाता है । मेरे आलिंगन मे बंध जो संयम रख सके जो निर्मोही हो और जो स्वामी हो न कि दास हो जाये ऐसे आदमी को ही भारत की जनता कालजयी स्नेह प्रदान करती है । जो राजधर्म का पालन करे और स्वयं का नुकसान होने पर भी अधर्म का साथ न दे वही मेरा चिर प्रियतम हो सकता है । प्यारे बाबा पाखंडवो से ग्रसित भारत की जनता सहज ही टोल फ़्री नंबर पर मिस्ड काल कर आपके ध्वज तले युद्ध करने आती है संताप इतना है कि मिस्र की भाती परिणाम की चिंता भी नही है । पर मै यह भी सोचती हूं जो परिणाम इन पाखंडवो ने दिये हैं उससे बुरे तो आप चाह कर भी नही दे सकते यही सोच आपकी प्रतीक्षा मे रत ।

आपकी हो सकने वाली

सत्ता सुंदरी

पुनःश्च

प्यारे बाबा याद रखें हरे और भगवा दलित और ब्राह्मण , माओवादॊ से लेकर अतिवादी तक सब आपसे तभी प्रेम करेंगे जब आप समग्र हित का काम करेंगे । लालच मे किसी का साथ या किसी का त्याग क्षणिक लाभकारी है प्यारे बाबा पर लंबे समय मे आंखे फ़ड़्फ़ड़ाने से भी दोष दूर न होगा

Friday, May 27, 2011

हम सब चोर हैं



जिसकी जितनी चादर, उतना पैर फैलाता है आदमी - सुना होगा. 
हम सब चोरी करते हैं अपनी अपनी हैसियत के मुताबिक - यथाशक्ति. चपरासी साहब से मुलाकात हो जाने पर चाय-पानी के पैसे बक्शीश में ले लेता है या फाइल एक कमरे से दूसरे कमरे तक पहुँचाने के ईनाम स्वरुप कुछ ले लेता है. बाबू फाइल ढेरों के नीचे से निकाल कर एक दस्तखत घसीट कर 'आउट' ट्रे में डालने का मेहनताना  ले लेता है. बड़ा बाबू उस पर सही नोट लिखने के लिए भेंट स्वरूप कुछ लेलेता है. ट्रेजरार बिल का भुगतान करने के लिए, अडवांस लोन के लिए, पेंशन के लिए, - यानि जहाँ आपको पैसा लेना हो, वहीं अपना  वाजिबी कमीशन ले लेता है, कभी ज्यादा कभी कम - ज्यादा जब की उसमें सबका हिस्सा होता है. बड़े अफसर सुना है बड़ा कमीशन लेते हैं और मिनिस्टर बहुत बड़ा अडवांस ले लेते हैं contract या license दिलवाने का, ट्रान्सफर करवाने का, नौकरी दिलवाने का...वगैरह वगैरह.

यूँ ही नहीं खड़ी हो जाती बड़ी बड़ी कोठियां - खाने वालों  की और खिलने वालों की!
और हम जैसे लेक्चरार बेचारे किसी काम के नहीं, तो ट्यूशन पढ़ा कर ही काम चला लेते थे. सुना है अब  होशियार हो गए मास्टर लोग भी - क्लास में  पढ़ना बंद कर घर में क्लास लेना शुरू कर दिया - तो धन की बौछार होने लगी! पहले स्कूटर, फिर कार, फिर बड़ा बंगला. पहले मास्टरों को कोई बची खुची योग्य वधु मिला करती थी, अब सुना है उतना बुरा हाल नहीं है! और दोनों मास्टर हों  तो कमाई ही कमाई, और छुट्टियाँ ही छुट्टियाँ!
तो भाई, जिसकी जितनी हिम्मत, जितनी ताकत उतनी ही तो चोरी करेगा न! यथाशक्ति ! और जहाँ उसकी बिलकुल गुंजाइश नहीं वहां कामचोरी तो कर ही सकता है आदमी, और सकती है औरत:

- देखते नहीं हम बिजी हैं - फोन पर!
- अभी देखते  हैं - ज़रा बाथरूम जा कर आते हैं.
- अब चाय तो पी लेने दीजिये!
- अरे ये बुनाई  का फंदा डाल लेने दीजिये वरना गड़बड़ हो जायगी, बस एक मिनिट!
- हाँ तो क्या काम था?
- वो फॉर्म? वो तो वहां वो वर्माजी देंगे - वो जो सिगरेट पीने उठ रहे हैं! उन्हें एक पेकेट  Goldflake  खरीद दीजिये और एक किमाम का पान, फ़ौरन फॉर्म मिल जाएगा - बिना दान-दक्षिणा कुछ होता नहीं भाई आजकल!
- क्यूँ गुस्सा हो रहे हैं - क्या घर से लड़ कर आये हैं?
यानी कामचोरी और ऊपर से सीनाजोरी!

और  तरक्की भी हुई है. सुना है अंग्रेजों के ज़माने में और आज़ादी के शुरू में पैसा देकर काम हो जाता था, और अब? पैसा सब से ले लेते हैं - किसी एक का तो काम हो ही जाता है! फिर क्या आप पैसा वापस लेने जायेंगे? कमज़ोर आदमी मजबूरी में या जल्दी में रिश्वत - नहीं, नजराना - दे तो देता है पर हिम्मत नहीं कि जाकर वापस ले ले! अजी साहब दम चाहिए  पैसा लेने  और पैसा देने के लिए!

आप कभी कोई ऐसा काम नहीं करते? ज़रूर कमज़ोर हैं! कमज़ोर हैं, तो मजबूर हैं! सुना होगा न 'मज़बूरी का नाम महात्मा गाँधी!' बने रहिये अच्छे - आपकी अपनी मज़बूरी है!

अब आप तो सब जानते हैं, समझदार हैं. क्यूँ इस सामाजिक पृथा के पीछे पड़े हैं? बेकार भृष्टाचार का नाम देकर परेशान कर रहे हैं लोगो को - और खुद भी दुखी हो रहे हैं? न बदली है दुनियां न बदलेगी - सब कुछ यू हीं रहेगा!

आसमान पर खुदा है, और सब ठीक ठाक है! वो अब अवतार लेने का कष्ट नहीं करने वाला आपकी मदद  के लिए! कोई कल्कि-वल्कि नहीं आने वाला! बल्कि, घोर कलियुग है.

एक ओसामा से उम्मीद थी कि ये ज़ालिम  दुनियां बर्बाद करने में कामयाब होगा, वो भी नहीं रहा! शायद फिर से दुनिया बनती तो कुछ अच्छी  बनती!  मगर अमरीका वाले हर जगह गड़बड़ कर देते हैं -  कुछ भी सही नहीं कर सकते ये लोग!

सुना है कुछ लोग लगे हुए हैं लोकपाल या महा लोकपाल बनवाने के लिए. क्या हो जाएगा? जो भी आएगा तो होगा तो हम सब चोरों में से ही कोई एक उस कुर्सी पर,  और अगर वो गलती से ईमानदार निकल गया तो उसके साथी, और उसके मातहत, सब मिल कर उसे उल्लू बनाते रहेंगे!
जब तक हम सब चोर हैं तो चोर ही राज करेंगे न! और हम साहूकार हैं, पर कमज़ोर, तो भी वही होगा - चोर राज करेंगे, चोर धंधा करेंगे, चोर शासन चलाएँगे - अपने अपने फायदे के लिए. सबका फायदा तो देश का फायदा!

तो आप चोर नहीं? तो शक्ति बढ़ाइए - यथाशक्ति काम होता है! वो यथाशक्ति  चोरी करते हैं तो आप यथाशक्ति रोकिये.
शक्ति आएगी कहाँ से? मोहनदास गाँधी कि कहाँ से आई थी? और फिर लाखों करोड़ों हिन्दुस्तानियों  में कहाँ से आई थी?
आत्मा से, सत्य से, सत्याग्रह से. बन्दूक बम से नहीं मिटती बुराई. साहसी सत्यवान आत्मा से मिटती है. तो सोच लो भाई - है हिम्मत? याद रहे, यथाशक्ति - अच्छाई  या बुराई?

वैसे मुझसे पूछो तो आराम से रहो - सब चलता है अपने देश में! मिलजुल कर भाईचारे से रहो! खाओ और खाने दो!
भूखे मरते हैं कुछ लोग तो मरने दो न! वो महान वैज्ञानिक कह गया है, क्या नाम था उसका? हाँ डार्विन! कहा था न उसने, जो शक्तिमान है वो बचेगा बाकी सब मिट जायेंगे. जो कमज़ोर हैं, वो मिटेगे ही. आप क्यूं परेशान होते हैं!

आप मस्त रहिये!
शुभचोरी और शुभमस्ती की शुभकामना कर आपसे आज्ञा लेता हूँ.
__________
फकीर अजमेरी
(प्रेम माथुर)
Prem S Mathur
8 Lachlan Rd, Willetton
WA 6155
Australia
Phone: 618 9354 9316

Wednesday, May 25, 2011

उत्तर प्रदेश में जनता की सरकार है या फर्जीवाड़ा करने वाले इंस्टिट्यूटस को संरक्षण देने वाली सरकार



बाराबंकी के सफेदाबाद स्तिथ हिंद इंस्टिट्यूट ने बी.एस सी नर्सिंग कोर्स को संचालित किया। 2009-10 में एक लाख नौ हजार रुपयों के हिसाब से 16 छात्र छात्राओं से फीस वसूली किन्तु परीक्षाएं नहीं करायीं। हिंद इंस्टिट्यूट के छात्रों ने जिला अधिकारी बाराबंकी विकास गोठलवाल से मुलाक़ात की और फीस वापसी की मांग की तो उन्होंने एडिशनल मजिस्टेट के नेतृत्व में जांच कमेटी बना दी। जांच कमेटी की रिपोर्ट आती कि प्रबंध तंत्र के सह पर छात्र छात्राओं के खिलाफ पुलिस-प्रशासन ने मुकदमा दर्ज कर लिया। लखनऊ बाराबंकी जनपद रोड पर बहुत सारे इंस्टिट्यूट हैं जिनमें लाखो रुपये फीस छात्रों से वसूली जाती है। खूबसूरत बिल्डिंग्स हैं, अच्छे कागज पर छपे हुए प्रोस्पेक्टस हैं किन्तु पढाई लिखी मानक के अनुसार नहीं होती है और न ही परीक्षाएं सम्पादित करने की उचित व्यवस्था ही है। उत्तर प्रदेश सरकार इस तरह के सभी फर्जीवाड़े से भली भाँती अवगत है किन्तु प्रबंध तंत्र द्वारा चारा प्राप्त होने के कारण छात्र छात्राओं का ही उत्पीडन किया जाता है।

सावधान! फेसबुक पर किसी ने आपकी प्रोफाइल तो नहीं बनाई



सावधान, किसी ने फेसबुक पर आपके नाम से प्रोफाइल तो नहीं बनाई। यदि ऐसा है तो तुरंत पुलिस को शिकायत करें, क्योंकि प्रोफाइल बनाने वाला आपके नाम से कुछ भी आपराधिक कृत्य कर सकता है और आप फंस सकते हैं। ऐसा ही वाकया उदयपुर के एक केबल ऑपरेटर के साथ हुआ है। 

यह प्रोफाइल बनाने वाला व्यक्ति चैटिंग भी करता है और मेवाड़ी लहजे में ही जवाब भी देता है। सोशल नेटवर्किग पर जिस तरह से यूजर बढ़े हैं उसी तरह से साइबर क्राइम की घटनाएं भी बढ़ रही है। 

फेसबुक व ऑरकुट पर साइबर क्राइम से संबंधित शिकायतों ने पुलिस की नाक में भी दम कर रखा है। सोशल नेटवर्किग के जरिए व्यक्ति कहीं भी बैठे अपने मित्रों परिजनों से संपर्क कर अपनी जानकारियां, विचार व फोटो आपस में एक्सचेंज कर सकता है। ऐसे में यदि आपकी प्रोफाइल किसी और ने बना ली है तो वह आपके नाम और जानकारियों का दुरुपयोग भी कर सकता है।

शहर के एक प्रमुख केबल ऑपरेटर छोगालाल भोई के नाम की प्रोफाइल बनाकर चैटिंग करने की जानकारी सामने आई है। इसकी जानकारी छोगालाल को अपने पुत्र ने दी तब पता चला। यही नहीं प्रोफाइल बनाने वाला लगातार उनके सवालों के जवाब भी दे रहा है। 
प्रोफाइल में उनका हाल ही में युवा महोत्सव के दौरान खींचा गया फोटो भी लगा हुआ है तथा वह व्यक्ति जवाब भी मेवाड़ी लहजे में दे रहा है। इस घटना के बाद छोगालाल ने अपने पुत्र अविनाश को धानमंडी थाने भेजकर इस आशय की शिकायत की तो पुलिस अधिकारी ने उन्हें यह जवाब दिया कि पहले अपने स्तर पर पता लगाओ। छोगालाल ने इसके लिए साइबर क्राइम एक्सपर्ट अभिषेक धाबाई से संपर्क किया है।

राजसमंद जिले के देवगढ़ कस्बे में एक माह पूर्व एक छात्रा को फेसबुक आईडी बनाकर उसे परेशान किया गया था, जिसमें पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।

लगभग दो माह पूर्व डबोक रोड स्थित एक निजी इंजीनियरिंग कॉलेज की वेबसाइट बनाकर शरारती तत्व ने उसमें आपत्तिजनक जानकारी डाल दी। हालांकि कॉलेज प्रशासन इसमें बिना पुलिस की मदद से आरोपी तक पहुंचने में सफल रहा।

क्या सावधानी बरतें

> यूजर्स अपनी फोटो शेयर ना करें।
> नेटवर्किग पर बर्थ डेट व अन्य निजी जानकारियां सही नहीं डालें।
> अनजान व्यक्तियों से ऑनलाइन बात नहीं करें।
> सोशल नेटवर्किग पर सिक्योरिटी फीचर्स का उपयोग कर अपनी प्रोफाइल की जानकारी ना दें।
> सोशल वेबसाइट पर सेलफोन से रजिस्ट्रेशन ना कराएं।
> साइबर क्राइम का शिकार होने पर अपनी प्रोफाइल के पेज का प्रिंट आउट लें व अपनी आईडी प्रूफ के साथ निकटतम पुलिस थाने या साइबर सेल में संपर्क करें।

एक्सपर्ट व्यू

देश में लगभग साढ़े आठ करोड़ इंटरनेट यूजर हैं, उनमें से करीब 80 प्रतिशत फेस बुक यूज करते हैं। साइबर क्राइम की घटनाओं से बचने के लिए यूजर्स को अपनी निजी जानकारियां, फोटो आदि शेयर नहीं करने चाहिए। फेसबुक एक काल्पनिक दुनिया है तथा यूजर्स अनजाने लोगों से मिलने ना जाएं। 

यूजर्स को हमेशा यूनिक पासवर्ड उपयोग में लेना चाहिए।पासवर्ड को हमेशा बदलते रहना भी जरूरी है। कोई साइबर क्राइम का शिकार होता है तो उसे अपनी प्रोफाइल पेज का प्रिंट लेकर निकटतम पुलिस थाने में संपर्क करना चाहिए।

अभिषेक धाबाई
साइबर क्राइम एक्सपर्ट
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