Wednesday, August 29, 2012

संघ की तोड़ फोड़ और नरोदा पाटिया नरसंहार में बजरंगदल की संलिप्तता



कल यानि मंगलवार दिनांक 28 अगस्त 2012, इंदौर में संघ ने भाजपा कार्यालय में मचाई तोड़-फोड़, संघ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को गुंडा समर्थक और हिंदू समाज का सबसे बड़ा विरोधी बताते हुए पुतला भी फूंक दिया..

आज यानि बुधवार दिनांक 29 अगस्त 2012, अहमदाबाद की एक विशेष अदालत ने नरोदा पाटिया हत्याकांड मामले में 32 लोगों को दोषी पाया. दोषी पाए गए लोगों में विश्व हिंदू परिषद के नेता बाबू बजरंगी भी शामिल है.

गुजरात में हुए दंगों के दौरान 28 फरवरी 2002 को नरोदा पाटिया इलाके में 95 मुसलमान मारे गए थे. आरोप है कि नरेंद्र मोदी सरकार में शामिल एक मंत्री ने उस भीड़ का नेतृत्व किया था जिसने इस हत्याकांड को अंजाम दिया.
हत्याकांड के 61 अभियुक्तों में नरेंद्र मोदी सरकार में मंत्री और नरोदा पाटिया से विधायक माया कोडनानी, बजरंग दल के पूर्व नेता बाबू बजरंगी, स्थानीय भाजपा नेता बिपिन पांछाल, किशन कोरानी, अशोक सिंधी और राजू चौमल शामिल थे.

संघ और भाजपा के ऐसे कार्यों में संलिप्तता क्या दर्शाता है ये आतंकवादियों का समूह नहीं है, हमने पहले भी कहा था और अभी भी बोल रहा हूँ के संघ और भजपा दोनों आतंकवदियों का समूह है जो भारत देश को बर्बाद करना चाहता है,

अंत में सिर्फ इतना ही कहूँगा के भाजपा की जननी संघ अपने देशविरोधी  एजेंडे को लागु करने के लिए जब भजपा को नहीं छोड़ सकती तो आम जनता, देश या पुरे देशवासी को कैसे छोड़ेगी...
-अली सोहराब

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