Tuesday, August 21, 2012

आग के बगैर धुवाँ नहीं उठता है!



भारतीय मिडिया और सरकार असाम में हुए मुसलमानों के नरसंहार को गलत साबित करने पर तुला है, कहा जा रहा है के बर्मा और असाम हुए नरसंहार की जो भी तस्वीरें आपको इन्टरनेट के द्वारा पहुंचाई जा रही है वो गलत हैं और इसमें पडोसी देश पाकिस्तान का हाथ है: चलिए मैं मानता हूँ के जो भी तस्वीरें दिखाई जा रहीं उनमे से अधिकतर सही तस्वीर नहीं है और हो सकता है पाकिस्तान द्वारा रचा गया कोई षड्यंत्र हो, पर मुद्दा ये नहीं है के तस्वीर गलत हैं या नहीं, मुद्दा तो ये है के मुसलमानों का नरसंहार हुआ है, तो क्यों हुआ??

मैं मानता हूँ के इन्टरनेट पर दिखाए गए तस्वीरों में कुछ दूसरे जगह के थे या गलत थे, लेकिन असाम में मुसलमानों का कत्लेआम हुआ है यही सत्य है, यहाँ पर तस्वीरों की बात तो की जा रही है के गलत हैं, पर जो सत्यता है उसको क्यों नहीं दिखाया जा रहा...
अगर सारी की सारी तस्वीरें गलत हैं तो सही तस्वीर क्या है मिडिया क्यों नहीं दिखा रही है

सरकार और मीडिया अपनी नाकामी छुपाने के लिए हर बार की तरह इस बार भी वही घिसा पीटा बयान दिया है के """''इन सभी के पीछे पडोसी देश का हाँथ है"
१. अगर पडोसी देश का हाँथ है तो इस हाँथ को अपने देश में आने कौन दिया??
२. तस्वीरें गलत हैं तो हकीकत वाली तस्वीर आपने क्यों नहीं दिखाई??
३. मामला नरसंहार का है या तस्वीर का??
४. असाम में नरसंहार हुआ है के नहीं??
५. अगर असाम में दंगा नहीं हुआ है तो फिर प्रधानमंत्री असाम क्या करने गए थे??
६. असाम के मुख्यमंत्री का पहला बयान के इस घटना में किसी भी पडोसी देश का हाँथ नहीं है, और फिर दूसरा बयान के घटना के पीछे पडोसी देश का हाँथ है, ये क्या है??

सवाल तो बहुत है पर जवाब मिलना मुश्किल है क्योंके जब सरकार ही मजलूमों को कुचलने की कोशिश कर रही है तो फिर किसी और से क्या उमीद लगाई जा सकती है,
आखिर में बस इतना ही कहूँगा के ""आग के बगैर धुवाँ नहीं उठता है""
Ali Sohrab

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